अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों ने जिस देशभाषा का स्वागत किया वह ब्रजभाषा थी, न कि उर्दू। -रामचंद्र शुक्ल

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म्हारा हरियाणा

म्हारा हरियाणा में पढ़िए हरियाणा का लोक-साहित्य, हरियाणा का इतिहास व अन्य हरियाणा से संबंधित जानकारी। इसके अतिरिक्त यहाँ हरियाणवी रागणियों, कविताओं, कथा-कहानियों व हरियाणवी गीतों का संकलन किया गया है। हरियाणा का लोक-साहित्य काफी समृद्ध है और यहाँ लोक-कथाओं व लोक-गीतों का भी प्रकाशन किया गया है।

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